19 साल की उम्र में CA बनकर नंदिनी अग्रवाल ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, यहाँ पढ़ें नंदिनी की सक्सेस स्टोरी

नंदिनी अग्रवाल बनी सबसे कम उम्र की CA

मध्य प्रदेश के छोटे से शहर मुरैना की रहने वाली नंदिनी अग्रवाल ने मात्र 19 साल की उम्र में CA फाइनल परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक वन हासिल करके इतिहास रचा है। इनकी इस अद्भुत कला और मेहनत के चलते उनका नाम गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में भी लिखा गया है। नंदिनी अग्रवाल अब दुनिया की सबसे कम उम्र की CA बन चुकी है। आइए Nandini Agarwal CA Success Story पर चर्चा करते हैं।

हाईलाइट

  • नंदिनी अग्रवाल दुनिया की सबसे कम उम्र की CA बनी है.
  • नंदिनी का नाम गिनीज और वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में शामिल किया है.
  • नंदिनी ने CA परिणाम 2021 में 800 में से 614 अंक हासिल किये है.

नंदिनी अग्रवाल ने रचा इतिहास 

नंदनी अग्रवाल दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनी है। अब उनका नाम गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज कर लिया गया है। नंदिनी ने CA बनने की यात्रा 16 साल की उम्र में शुरू की थी। लगभग 3 साल तक मेहनत करने के बाद नंदिनी ने 29 नवंबर 2021 को CA फाइनल के परिणाम में 800 में से 614 अंक प्राप्त किये। इस दौरान नंदिनी की उम्र मात्र 19 साल 8 महीने 18 दिन थी। जो किसी भी दूसरी CA महिला से कम है।

2 क्लास छोड़ भाई का साथ पकड़ा  

नंदनी शुरू से ही पढ़ने में काफी तेज थी। नंदिनी की अद्भुत शैक्षणिक प्रतिभा को देखते हुए उसने दो ग्रेड छोड़कर अपने बड़े भाई सचिन अग्रवाल के साथ कदम मिलाये। दोनों भाई बहनों को एक दूसरे का सपोर्ट मिला। नंदिनी ने मात्र 13 साल की उम्र में दसवीं क्लास और 15 साल की उम्र में 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की। 12वीं कक्षा में नंदिनी ने पूरे जिला में टॉप किया था। जिसमें नंदिनी ने 94.5% अंक हासिल किये थे। 

CA 2021 में AIR 1 रैंक 

नंदिनी जब 16 वर्ष की थी। तब उसकी स्कूल में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक से पहचान हुई। जहां से उसके मन में भी वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करने का सपना पनपने लगा। CA में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चुनौतियों से परिपूर्ण था। इसलिए नंदिनी ने CA में ही वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की ठानी और अपने भाई के साथ CA की तैयारी में जुट गई। नंदिनी एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहती थी। जिसे तोड़ना लगभग नामुमकिन हो। 2021 के परिणाम में नंदिनी ने न सिर्फ अच्छे अंक हासिल करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना। बल्कि उसने हजारों स्टूडेंट्स को पीछे छोड़ते हुए AIR 1 रैंक पर भी कब्जा जमाया। साथ ही सचिन अग्रवाल ने 800 में से 568 अंक प्राप्त करके 18वीं रैंक हासिल की।

  • नंदिनी अग्रवाल परीक्षा परिणाम : 800/614 (76.75%), AIR 1 
  • सचिन अग्रवाल परीक्षा परिणाम : 800/568 (71%) AIR 18 

परिवार का मिला सपोर्ट

नंदिनी के पिता नरेश चंद्र गुप्ता भी एक टैक्स प्रैक्टिशनर है। जो हमेशा उन्हें पढ़ाई में बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं। और उनकी मां डिंपल गुप्ता भी हमेशा सपोर्ट करती है। परिवार में शिक्षा का महत्व बखूबी समझा जाता है। जिसके चलते नंदिनी को भी हमेशा कुछ बेहतर करने की प्रेरणा मिलती थी। नंदिनी ने इंटरव्यू में बताया कि उसका भाई सचिन अग्रवाल उसके लिए रोल मॉडल और साथी है। जिसमें हर कठिन मुसीबत में उसका साथ दिया है।

कम उम्र ने बढ़ाई चुनौतियां 

नंदिनी जब 16 साल की थी, तो उसने कई कंपनियों में इंटर्नशिप करने की भी कोशिश की थी। मगर उम्र कम होने के कारण उसे कभी इंटर्नशिप करने का मौका नहीं मिला। इन तमाम अस्वीकृतियों के बावजूद नंदिनी ने कभी भी हार नहीं मानी और लगातार कोशिश करती रही। नंदिनी की सफलता को देखते हुए कहा जा सकता है कि अगर इंसान कुछ करने का जज्बा रखता है, तो उसके आगे दुनिया की सभी चुनौतियां घुटने टेक देती है। और दृढ़ निश्चय से सब कुछ हासिल किया जा सकता है।

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