रामायण द लीजेंड ऑफ प्रिंस रामा रिव्यू : रामचरित्र मानस पर बनी अब तक की सबसे बेस्ट रामायण, अब बच्चे खुद करेंगे रामयण देखने की जिद

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रामायण द लीजेंड ऑफ प्रिंस रामा रिव्यू

कोइची सासाकी और राम मोहन के डायरेक्शन में बनी रामायण द लीजेंड ऑफ प्रिंस रामा एडमिटेड फिल्म को सिनेमाघर में रिलीज कर दिया गया है। यह एनिमेटेड फिल्म साल 1993 में बनाई गई थी  जो अब पहली बार थिएटर में रिलीज की गई है। फिल्म की क्वालिटी को काफी बेहतर किया गया है। जो बच्चों से लेकर बड़ों और बुजुर्गों तक हर किसी को पसंद खूब पसंद आ रही है।

Ramayana: The Legend Of Prince Rama Release

रामायण द लीजेंड ऑफ़ प्रिंस रामा एडमिटेड फिल्म लगभग ढाई घंटे लंबी है। जो भगवान श्री राम की जीवनी दिखाने का शानदार जरिया बनी है। इस एनिमेटेड फ़िल्म में भगवान श्री राम के जन्म से लेकर बचपन की सभी लीलाओं, स्वयंवर, वनवास और रावण वध आदि को काफी बेहतरीन ढंग से दिखाया गया है। जिसे भारत और जापान के कलाकारों ने संयुक्त रूप से मिलकर तैयार किया है।

रामायण द लीजेंड ऑफ प्रिंस रामा रिव्यू

रामायण द लीजेंड ऑफ़ प्रिंस रामा फिल्म को जानबूझकर काफी साधारण तरीके से बनाया गया है। ताकि बच्चों को समझने में मशक्कत ना करना पड़े। फिल्म का डायरेक्शन वाकई में काबिले तारीफ है। एनिमेशन के बावजूद लोग भगवान श्री राम के प्रति भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं।

वॉइस ओवर कैसा है 

एनिमेटेड फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी किरदारों के हावभाव (मोशन) और वॉइस ओवर माना जाता हैं। भगवान श्री राम के किरदार को युद्धवीर दहिया ने जबकि सोनल कौशल ने मां सीता के किरदार को आवाज दी है। जो इस फिल्म को जीवंत करते हैं। दूसरी ओर रावण की किरदार को राजेश जोली, लक्ष्मण के किरदार को उपलक्ष्य कोचर और हनुमानजी के किरदार को अर्चित मौर्य ने अपनी जादुई आवाज देकर पूरा किया है।

रामायण द लीजेंड ऑफ़ प्रिंस रामा क्यों देखनी चाहिए 

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में 200 एपिसोड लंबी रामायण देखने का समय किसी के पास नहीं है। रामायण द लीजेंड ऑफ़ प्रिंस रामा फिल्म केवल ढाई घंटे में ही पूरी रामायण का सार दिखा देती है। खासकर बच्चे इसके एनीमेशन को एंजॉय करते समय देख सकते हैं। आध्यात्मिकता से जुड़ने का यह एक शानदार माध्यम बनेगी।

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