लल्लनटॉप का असली मालिक कौन? और सौरभ द्विवेदी ने आख़िर क्यों छोड़ा साथ?

By: khabardaari.com

Last Update: January 6, 2026 10:23 AM

saurabh dwivedi lallantop
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कल एक ऐसी खबर आई जिसने डिजिटल मीडिया की दुनिया में हलचल मचा दी। खबर ये कि सौरभ द्विवेदी वो शख्स जिसने लल्लनटॉप को घर-घर का नाम बनाया, अब इस संस्थान का हिस्सा नहीं रहे। सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग पूछ रहे हैं कि लल्लनटॉप का मालिक कौन है और सौरभ द्विवेदी ने आख़िर लल्लनटॉप क्यों छोड़ा?

लल्लनटॉप कोई रातों-रात नहीं खड़ा हुआ है। इसकी शुरुआत साल 2016 में हुई थी। तब डिजिटल मीडिया का मतलब सिर्फ भारी-भरकम शब्दों वाली वेबसाइट्स हुआ करती थीं। इंडिया टुडे ग्रुप ने जब इसे लॉन्च किया, तो कमान सौंपी गई जालौन के उस लड़के को, जिसकी जुबान पर अवधी का मिठास और तेवरों में बेबाकी थी।

सौरभ ने खबर को ड्राइंग रूम से निकालकर चौरस्ते पर खड़ा कर दिया। लल्लनटॉप शो ने उन लोगों को भी खबर देखना सिखाया जो न्यूज़ चैनल के शोर से परेशान थे। देखते ही देखते, यह सिर्फ एक प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक डिजिटल ब्रांड बन गया।

सबसे बड़ा सवाल क्या The Lallantop के मालिक सौरभ द्विवेदी ही थे?

इस इस्तीफे ने आम जनता के बीच एक बहुत बड़ी गलतफहमी को दूर कर दिया है। लल्लनटॉप को देखने वाला एक बड़ा वर्ग आज तक यही मानता था कि The Lallantop सौरभ द्विवेदी का अपना चैनल है या इसमें उनकी पार्टनरशिप है। उनका अंदाज़ इतना अपनापन लिए हुए था कि दर्शकों को लगता था कि भैया, यह तो अपनी दुकान है।

लेकिन हकीकत यह है कि The Lallantop देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह India Today Group का एक डिजिटल वेंचर है। सौरभ द्विवेदी वहां बतौर संपादक (Editor) अपनी सेवाएं दे रहे थे। यह सच कई फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं है कि जिस चेहरे को वो ‘मालिक’ समझते थे, वो असल में एक कर्मचारी के तौर पर जुड़ा था।

एक डिजिटल न्यूज़ प्लैटफ़ार्म का उदय

कहानी को समझने के लिए हमें साल 2016 में चलना होगा। यह वो दौर था जब रिलायंस जिओ के डेटा ने भारत में डिजिटल क्रांति की नींव रखी थी। ठीक इसी समय India Today Group ने डिजिटल मीडिया में अपने पैर पसारने का फैसला किया और The Lallantop की शुरुआत हुई।

दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में यह सिर्फ़ एक न्यूज़ वेबसाइट थी, जहाँ खबरें सिर्फ़ पढ़ी जा सकती थीं। उसी दौरान सौरभ द्विवेदी की एंट्री होती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि India Today की डिजिटल महत्त्वाकांक्षा और सौरभ द्विवेदी का उदय, दोनों एक साथ हुए।

सौरभ का मास्टरप्लान और ब्रांड लल्लनटॉप

आज लल्लनटॉप जिस मुकाम पर है, उसे वहाँ पहुँचाने का पूरा ब्लूप्रिंट सौरभ द्विवेदी के दिमाग की उपज था। एक साधारण वेबसाइट को वीडियो के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म में बदलना उन्हीं का विज़न था। जब टीवी मीडिया चीख-पुकार में व्यस्त था, तब सौरभ ने खबरों को Storytelling का रूप दिया। The Politicle Kisse, गेस्ट इन द न्यूज़रूम, पड़ताल जैसे कई शो खुद सौरभ ने ही बनाए थे।

यह सब सौरभ का ही प्लान था। उन्होंने साबित किया कि हिंदी पत्रकारिता के लिए आपको टाई-सूट की नहीं, बल्कि सही शब्दों और ‘देसी कनेक्ट’ की ज़रूरत है। ब्रांड India Today का था, लेकिन उसे Lallantop बनाने वाले सौरभ ही हैं।

अब आगे क्या?

5 जनवरी की शाम सौरभ द्विवेदी का इस्तीफा देना कई सवाल खड़े करता है। क्या India Today Group उस मैजिक को बरकरार रख पाएगा जो सौरभ के होने से था? क्योंकि दर्शक चैनल को नहीं, उस चेहरे और उस आवाज़ को देखने आते थे। वहीं दूसरी ओर, सवाल यह भी है कि किस्सागोई का यह उस्ताद अब कौन सा नया अध्याय लिखने जा रहा है? क्या सौरभ द्विवेदी अब अपना खुद का मीडिया हाउस खड़ा करेंगे?