Anti Tank Missile of India: एडवांस्ड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल की हालिया सफल टेस्टिंग के बाद भारत की रक्षा क्षमता ने एक और मजबूत छलांग लगाई है। युद्ध क्षेत्र में सिर्फ हमला करने से जीत नहीं मिलती, बल्कि दुश्मन के हथियारों को समय रहते नष्ट करने की क्षमता युद्ध के परिणाम बदलने के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। आज हम रूस-यूक्रेन युद्ध से भली भांति अवगत हैं। जिसमें आधुनिक मिसाइल और डिफेंस सिस्टम युद्ध का रुख पलट रहे हैं। भारत भी यही रणनीति अपनाना चाहता है। ताकि अगर भविष्य में कोई भी दुश्मन देश भारत पर हमला करता है तो उसे मुँहतोड़ जवाब दे सके।
Table of Contents
एंटी टैंक मिसाइल क्या है?
एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल एक ऐसी आधुनिक मिसाइल होती है, जिसे विशेष रूप से दुश्मन के टैंक, बख्तरबंद वाहनों और आर्मर्ड यूनिट्स को खत्म करने के लिए बनाया गया है। यह मिसाइल आमतौर पर टैंक के ऊपरी हिस्से पर हमला करने के लिए बनाई जाती है। क्योंकि यह हिस्सा सबसे कमजोर होता है। आधुनिक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल में फायर एंड फॉरगेट, इंफ्रारेड सीकर और हाई-प्रिसिशन गाइडेंस जैसी तकनीकी होती है।
भारत के पास कितनी एंटी टैंक मिसाइल हैं?
भारत ने लगातार अपनी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों की खेप में इजाफा किया है। जिसमें कई मिसाइलें पूर्ण रूप से स्वदेशी हैं तो कई दूसरे देशों से खरीदी गई हैं।
Nag (नाग)
DRDO द्वारा विकसित नाग मिसाइल तीसरी पीढ़ी की स्वदेशी फायर एंड फॉरगेट एंटी टैंक मिसाइल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि लॉन्च करने के बाद इसे गाइड करने की जरूरत नहीं होती। इसकी रेंज लगभग 500 मीटर से 4 किलोमीटर की है। जिसमें IIR टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की गई है। यह दुश्मन के टैंक पर ऊपर से हमला करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। जिसे जमीन, व्हीकल या ट्राइपॉड से लॉन्च किया जा सकता है।
हेलिना मिसाइल (Helina)
हेलिना को नाग मिसाइल का हेलीकॉप्टर लॉन्च वर्जन भी कह सकते हैं। जिसे भारतीय सेना और वायु सेना ने मिलकर डिजाइन किया था। इसकी रेंज अधिकतम 8 से 10 किलोमीटर तक है। यह मिसाइल खासतौर पर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में दुश्मन टैंक को नेस्तनाबूत करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
अमोघा मिसाइल (Amogha)
अमोघा मिसाइल भारत में विकसित दूसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल है। जिसे नाग प्रोजेक्ट से पहले की टेक्नोलॉजी पर तैयार किया गया था। इसकी रेंज मात्र 2.5 से 3 किलोमीटर है। मगर यह सेमी ऑटोमेटिक गाइडेंस होने के चलते किसी भी टैंक पर डायरेक्ट अटैक करके उसे बचने का मौका नहीं देती। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल पैदल सेना और सीमावर्ती इलाकों में किया जाता है।
Spike (स्पाइक मिसाइल)
स्पाइक मिसाइल को इजराइल से आयात किया गया था। यह एक आधुनिक एंटी टैंक मिसाइल सिस्टम है। जिसे आज के समय में भारतीय सेना बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करती है। यह मिसाइल अलग-अलग वर्जन में उपलब्ध है। जिसकी रेंज 2 किलोमीटर से 8 किलोमीटर तक है। इसे लगभग हर तरह के वातावरण और हर जगह से दागा जा सकता है।
एंटी टैंक मिसाइल कैसे काम करती है?
एंटी टैंक मिसाइल का काम करने का तरीका काफी एडवांस है। यह सबसे पहले सीकर टारगेट को लॉक करती है। फिर जैसे ही मिसाइल लॉन्च की जाती है तो वह अपने सेंसर और गाइडेंस सिस्टम की मदद से अपने टारगेट को ट्रैक करती रहती है। इस दौरान अगर टारगेट आगे-पीछे या दाएँ-बाएँ भी होता है तो भी इसका निशाना नहीं चूकता।
टॉप मोड में मिसाइल ऊपर से नीचे की ओर गिरती है और टैंक के पतले कवच को भेदकर अंदर जबरदस्त विस्फोट करती है। जिससे टैंक को बचाने का मौका ही नहीं मिलता।
भारत ने एंटी टैंक मिसाइल का इस्तेमाल कब किया?
हालांकि भारत ने अब तक युद्ध में एंटी टैंक मिसाइल का इस्तेमाल काफी सीमित किया है। लेकिन इन मिसाइलों का इस्तेमाल लगातार सीमाओं पर तैनाती और युद्ध अभ्यासों में होता रहा है। युद्ध के हालात में धरातल पर एंटी टैंक मिसाइल भारतीय सेना की पहली और निर्णायक हथियार प्रणाली साबित हो सकती है।
भारत को मिली तीसरी पीढ़ी की एडवांस्ड एंटी टैंक मिसाइल
11 जनवरी 2026 की टेस्टिंग के बाद भारत को रक्षा के क्षेत्र में काफी मजबूती मिली है। इस सफलता के बाद भारत का ओवरऑल डिफेंस सिस्टम और ज्यादा ताकतवर और आत्मनिर्भर हुआ है। यह मिसाइल सीधे रूप से एयर डिफेंस का हिस्सा नहीं है, लेकिन जमीनी युद्ध में दुश्मन के टैंकों को खत्म करने के लिए सबसे बड़ा हथियार बनेगी
भारत के पास पहले पहली पीढ़ी की एंटी टैंक मिसाइल थी। जिन्हें मैनुअल कंट्रोल करना होता था और यह कम सटीक थीं। इसके बाद दूसरी पीढ़ी की सेमी ऑटोमेटिक गाइडेंस मिसाइल तैयार की गई थीं। हालांकि यह भी उतनी असरदार नहीं थीं। अब तीसरी पीढ़ी की फायर एंड फॉरगेट मिसाइल तैयार की गई। जो युद्ध का माहौल बदलने के लिए काफी हैं।
हालांकि अब भारत ने तीसरी पीढ़ी की MPATGM एडवांस लेवल की मिसाइल भी हासिल कर ली है। जो अब तक की सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ डिजाइन की गई है।







