भारत बनेगा राफेल फ्यूजलेज बनाने वाला दूसरा देश, डसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के बीच हुई साझेदारी

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भारत अब सिर्फ राफेल फाइटर जेट खरीदने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि राफेल विमान का निर्माता भी बनेगा। हालही में फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन और भारत की टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के बीच हुई साझेदारी के बाद हैदराबाद में एक आधुनिक प्रोडक्शन यूनिट स्थापित की जा रही है, जहां राफेल फाइटर जेट के महत्वपूर्ण ढाँचों और अन्य हिस्सों का निर्माण किया जाएगा। चलिए इसके बारें में विस्तार से जानते हैं।

फ्रांस और भारत मिलकर बनायेंगे राफेल फाइटर जेट

हालही में भारत ने आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी दर्ज की है। जहां अब तक भारत राफेल जैसे हाईटेक फाइटर जेट्स का खरीददार हुआ करता था। वहीं अब भारत फ्रांस के साथ मिलकर राफेल लड़ाकू विमान का निर्माण करने में भी योगदान देगा। हाल ही में फ्रांस की प्रतिष्ठित एयरोस्पेस कंपनी Dassault Aviation और भारत की Tata Advanced Systems Limited (TASL) ने मिलकर हैदराबाद में एक एडवांस्ड प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने का करार किया है। इस प्लांट में राफेल में प्रमुख ढांचे और अन्य पार्ट्स जैसे रियर फ्यूज़लाज, सेंट्रल और फ्रंट सेक्शन तैयार किए जाएंगे।

यह पहली बार होगा, जब राफेल जैसे उन्नत फाइटर जेट के पार्ट्स फ्रांस के बाहर तैयार किए जाएंगे। फ्रांस की यह साझेदारी भारत के प्रति विश्वास को भी दर्शाती है। इस साझेदारी के मुताबिक साल 2026-27 तक इस नई फैक्ट्री से पहले फ्यूजलाज बाहर आने की उम्मीद है। इस पूरी फैक्ट्री की क्षमता हर महीने दो फ्यूजलाज तैयार करने की होगी।

हैदराबाद में बनेगा राफेल फाइटर जेट का फ्यूजलेज

हैदराबाद में स्थापित होने वाली यह नई यूनिट न केवल भारतीय वायुसेना और नौसेना की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि दुनियाभर के उन देशों की डिमांड को भी पूरी करेगी, जिनके पास राफेल विमान है। फिलहाल राफेल फाइटर जेट का फ्रांस, भारत, मिस्र, कतर, UAE, ग्रीस, इंडोनेशिया, क्रोएशिया और सर्बिया जैसे देश कर रहे हैं। मौजूदा समय में भारत के पास 36 राफेल विमान है. जबकि अप्रैल 2025 में हुए सौदे के तहत नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन विमान 2030 तक शामिल किए जाएंगे।

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