Second Hand Car खरीदने से पहले चेक करें ये 7 जरूरी बातें, इंजन से लेकर एक्सीडेंट हिस्ट्री तक

Updated
फॉलो करें
Second Hand Car Buying Tips

पुरानी कार खरीदना आज के दौर में एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है. नई कार की बढ़ती कीमतें और भारी टैक्स को देखते हुए सेकंड हैंड कार एक बढ़िया विकल्प बनकर उभरी है। लेकिन सिर्फ लुक और चमकती बॉडी देखकर फैसला लेना महंगा पड़ सकता है। यहां हम 7 जरूरी पॉइंट्स बता रहे हैं जो हर खरीदार को कार फाइनल करने से पहले जरूर चेक करने चाहिए।

सेकंड हैंड कार खरीदते समय क्या-क्या चेक करना चाहिए?

सबसे पहला और जरूरी नाम आता है कार का इंजन। कार का सबसे महत्वपूर्ण पार्ट उसका इंजन होता है, जिसे नजरअंदाज करना आपकी सबसे बड़ी भूल हो सकती है। Second Hand Car खरीदने के लिए एक्सपर्ट्स हमेशा सलाह देते हैं कि कार देखते समय सबसे पहले आपको उसका इंजन चेक करना चाहिए।

जांच के दौरान यह जरूर देखें कि इंजन आसानी से चालू हो रहा है या नहीं। यदि कार स्टार्ट करते समय बहुत ज्यादा आवाज, असामान्य कंपन या झटके महसूस हों, तो आपको इसकी गहराई से जांच करानी चाहिए। इसके अलावा, इंजन से निकलने वाला नीला या काला धुआं एक बड़ा खतरे का संकेत हो सकता है। अगर आपको तकनीकी जानकारी कम है, तो किसी भरोसेमंद मैकेनिक से इसकी पूरी रिपोर्ट लें। याद रखें, एक खराब इंजन वाली पुरानी कार खरीदना आपकी जेब पर बहुत भारी पड़ सकता है.

एक्सीडेंट हिस्ट्री जरूर पता करें

लोग अक्सर सेकंड हैंड कार खरीदते समय उस कार की एक्सीडेंट हिस्ट्री को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह एक जरूरी जानकारी होती है। क्योंकि कार बाहर से ठीक=ठाक दिख सकती है, लेकिन अंदरूनी स्ट्रक्चर कमजोर हो सकता है। बॉडी पैनल के गैप, पेंट की अलग-अलग शेड और वेल्डिंग के निशान देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कार पहले किसी एक्सीडेंट का शिकार हो चुकी है।

इसके अलावा सर्विस रिकॉर्ड और इंश्योरेंस क्लेम हिस्ट्री से भी काफी जानकारी हासिल की जा सकती है। साथ ही साथ एक्सीडेंट हिस्ट्री देखने से आप किसी कानूनी समस्या से भी बच सकते हैं।

ओडोमीटर रीडिंग पर भरोसा करने से पहले जांच करें 

बहुत कम किलोमीटर चली कार हर किसी सेकंड हैंड कार खरीदने वाले को आकर्षित करती है। लेकिन ध्यान रहे ऑडोमीटर के साथ छेड़छाड़ करना कोई बड़ी चीज नहीं है। कार के पैडल, स्टीयरिंग और गियर नॉब पर ज्यादा घिसावट दिखे और किलोमीटर कम दिखे तो समझ जाए कि इसके ऑडोमीटर के साथ छेड़छाड़ की गई है। सर्विस रिकॉर्ड से भी किलोमीटर का मिलान करें। 

जरूरी पेपर वर्क और आरसी ट्रांसफर के बारे में बात करें 

पुरानी कार लेते समय कार के कागजात की जांच करना बेहद जरूरी है। इंश्योरेंस, आरसी, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और किसी भी तरह का बकाया चालान हो तो इसकी जानकारी लें और कार अपने नाम करने से पहले सारे कागज और चालान क्लियर करा लें। 

टेस्ट ड्राइव जरूर करें 

किसी भी व्हीकल को खरीदने से पहले आपको एक टेस्ट ड्राइव जरूर कर लेना चाहिए। ताकि ब्रेक, क्लच, गियर शिफ्टिंग और स्टेरिंग के साथ-साथ माइलेज का भी अनुमान लग जाए। टेस्ट ड्राइव के दौरान रेडियो बंद रखें ताकि इंजन और रोड नॉइस साफ सुनाई दे। टेस्ट ड्राइव से आप काफी कुछ समझ सकते हैं।

टायर और सस्पेंशन

टायर की हालत देखकर समझ सकते हैं कि कार को पुराने मालिक ने कैसे चलाया था। टायरों की घिसावट या एलाइनमेंट की स्थिति को ध्यान से देखें। क्योंकि सस्पेंशन बदलवाना आपको आर्थिक झटका दे सकता है। इसलिए समय रहते खरीदारी से पहले इसे भी अच्छे से देख लें। 

कीमत लगाने से पहले बाजार घूमें 

किसी भी डील को फाइनल करने से पहले उसी मॉडल की दूसरी कारों की कीमत से तुलना जरूर करें। बहुत सस्ती कार सुनकर जल्दबाजी न दिखाएं। क्योंकि सस्ती चीज आगे चलकर महंगी पड़ सकती है। सेकंड हैंड कार की कीमत साफ होने के बाद एक बार बाजार में उसी मॉडल की दूसरी गाड़ियों की कीमतें भी जान लें। जिससे आपको यह समझ आएगा कि आप जो कार खरीद रहे हैं वह बहुत ज्यादा महंगी तो नहीं है।

केवल कार के नंबर से निकाले पूरी जानकारी

किसी भी पुरानी गाड़ी की जानकारी देखने के लिए सरकारी ऐप और ऑनलाइन वेबसाइट उपलब्ध हैं। केवल गाड़ी के नंबर से उसके मालिक का नाम, एक्सीडेंट हिस्ट्री, आरसी डिटेल, चालान इंश्योरेंस आदि की जानकारी ले सकते हैं। जिसके लिए mParivahan (एम-परिवहन) ऐप डाउनलोड करें।

  1. ऐप डाउनलोड होने के बाद आपको होम पेज पर चेक व्हीकल डिटेल का ऑप्शन मिलेगा उसे पर क्लिक करें। 
  2. अब उसे कार का नंबर डालें, जिसे आप खरीदना चाहते हैं। 
  3. नंबर डालने के बाद थोड़ा सा प्रोसेस होगा और आपको कार की पूरी जानकारी दिखाई देगी।
सभी लेख पढ़ें