Bharat Ki Pahli Oscar Winner Bhanu Athaiya: आखिर कौन है भानु अथैय्या? जिन्हें मिला था भारत में सबसे पहले ऑस्कर अवॉर्ड

By: महेश चौधरी

Last Update: December 28, 2025 6:23 AM

Bharat Ki Pahli Oscar Winner Bhanu Athaiya
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फिल्म इंडस्ट्री में ऑस्कर अवार्ड सबसे बड़े सम्मान के रूप में देखा जाता है। हर साल फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों, निर्देशकों, लेखकों या संगीतकारों को उनके असाधारण कार्य के लिए ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं भारत में सबसे पहला ऑस्कर अवार्ड किसे मिला था? भानु अथैया भारत की पहली ऑस्कर विजेता बनी थी। जिन्होंने गाँधी फिल्म के माध्यम से भारतीय सिनेमा और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी। चलिए भानु अथैया के बारे में डिटेल में जानकारी लेते हैं।

Bharat Ki Pahli Oscar Winner Bhanu Athaiya

भानु अथैय्या ने 1983 में फिल्म ‘Gandhi’ के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन के लिए ऑस्कर अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। इससे पहले भारत इस तरह के बढ़े मंच से काफी दूर था. Gandhi (गाँधी) फिल्म का डायरेक्शन रिचर्ड एटनबरो ने किया था। फिल्म में भानु ने महात्मा गांधी और उनके समय के भारत को बड़े पर्दे पर अपने जबरदस्त डिजाइनों के जरिए जीवंत कर दिखाया, जिसके लिए उन्हें यह सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला।

दो नेशनल अवॉर्ड भी भानु के नाम

भानु अथैय्या ने केवल ऑस्कर अवार्ड जीता। बल्कि उन्होंने दो बार भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित नेशनल फिल्म अवार्ड भी अपने नाम किए हैं। उन्होंने पहला नेशनल अवार्ड 1967 में आई फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम के लिए जबकि दूसरा नेशनल अवार्ड 1993 में रिलीज हुई फिल्म लगान के लिए जीता था। उनकी कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग का जादू हर पीढ़ी पर प्रभावशाली रहा। जिसमें विशेष रूप से भारतीय संस्कृति परंपरा और कला का तगड़ा संगम देखने को मिलता है।

कौन थी भानु अथैय्या

भानु अथैया का जन्म 28 अप्रैल 1929 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था। उनके पिता का नाम अण्णासाहेब राजोपाध्याय था. जो एक फोटो ग्राफर और चित्रकार थे. जबकि भानु की माता का नाम शांता बाई राजोपाध्याय था। भानु अथैया ने शुरूआत में एक आर्टिस्ट के तौर पर करियर शुरू की थी, लेकिन बाद में फिल्म इंडस्ट्री की ओर रुख किया और अपने जमाने की सबसे प्रसिद्द कॉस्ट्यूम डिजाइनर बन गईं। उन्होंने गुरुदत्त की फिल्मों से अपनी पहचान बनानी शुरू की थी।

भानु अथैया ने लगभग 8 साल तक ब्रेन ट्यूमर से लड़ने के बाद साल 2020 में 91 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।