कौन थे असल जिदंगी में गेम चेंजर के राम नन्दन? तमिलनाडु के इस IAS अफसर से प्रेरित है राम चरण की गेम चेंजर

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हाल में राम चरण की गेम चेंजर फिल्म रिलीज हुई है। जिसे दर्शकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म मुख्य रूप से एक IAS ऑफिसर के किरदार को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। जो दर्शकों को खूब पसंद आया है। अब कार्तिक सुब्बाराज जिन्होंने फिल्म की पटकथा लिखी है। उन्होंने खुलासा किया है कि यह फिल्म तमिलनाडु के एक IAS ऑफिसर T.N. शेषन (तिरुनेलई नारायण अय्यर शेषन) से प्रेरित होकर लिखी है। जो एक बहादुर और ईमानदार आईएएस ऑफिसर थे।

तमिलनाडु के आईएएस अधिकारी टीएन शेषन की बायोपिक है फिल्म गेम चेंजर

गेम चेंजर फिल्म की पटकथा कार्तिक सुब्बाराज द्वारा लिखी गई है। जिन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि “तमिलनाडु कैडर के आईएएस ऑफिसर टी.एन. शेषन के जीवन से प्रेरित होकर फिल्म की पटकथा लिखी है। जो एक ईमानदार और निडर आईएएस ऑफिसर थे। वे अपने सख्त और निष्पक्ष चुनावी उपायों के जरिए राजनीति में अनुशासन बनाए रखने और निष्पक्षता के साथ चुनावी प्रक्रिया संपन्न करने के लिए जाने जाते थे। उनके आगे किसी राजनेता का बस नहीं चलता था। कार्तिक सुब्बाराज टी.एन. शेषन के जीवन, काम करने के तौर-तरीके और चरित्र से काफी ज्यादा प्रभावित थे। उन्होंने गेम चेंजर फिल्म की नींव उनको ध्यान में रखकर ही रखी थी।

हालांकि फिल्म की कहानी को रोमांचक और रुचिकर बनाने के लिए इसमें पर्याप्त बदलाव और कल्पना का मिश्रण किया गया है। ताकि वे फिल्म के नायक रामचरण के किरदार के लिए उपयुक्त हो सके।

कौन थे टी. एन. शेषन

टी.एन. शेषन एक आईएएस ऑफिसर थे। जिन्होंने 1990 से 1996 तक भारत के “मुख्य चुनाव आयुक्त” के रूप में देश सेवा की है। उन्होंने देश में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आचार संहिता को शक्ति से लागू किया। चुनाव के दौरान शराब बांटना और धर्म के नाम पर वोट मांगना जैसी चीजों पर प्रतिबंध लगाया। भारतीय लोकतंत्र को मजबूती देने में टी.एन. शेषन का बड़ा योगदान माना जाता है।

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