India Vs New Zealand: भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का दूसरा मैच 23 जनवरी, शुक्रवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैच की शुरुआत शाम को 7 बजे से होगी. और टॉस 6.30 उछाला जाएगा
पिच रिपोर्ट—छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए तो अच्छी मानी जाती है,सिर्फ 1 T20 मैच अब तक इस पिच पर खेला गया है , इस पिच पर स्पिनर्स और तेज गेंदबाज दोनों को मदद मिलती रही है। पिच का आकलन करना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन यहां लक्ष्य का पीछा करना आसान माना जा सकता है.
India Vs New Zealand का H2H रिकॉर्ड
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक कुल 25 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने 15 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि न्यूजीलैंड की टीम को 10 मुकाबलों में सफलता मिली है।
भारत की मजबूती: भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत भारतीय पिचों पर खेलने की उसकी गहरी समझ और आदत है, जिसका उसे घरेलू हालात में भरपूर फायदा मिलता है। यहां की पिचों का मिज़ाज, गेंद की गति और उछाल भारतीय खिलाड़ियों के लिए जाना-पहचाना होता है, जिससे वे जल्दी हालात के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं।
इसके अलावा भारत का मजबूत स्पिन अटैक खासतौर पर स्लो विकेट पर बड़ा हथियार साबित होता है। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, पिच से मिलने वाली मदद स्पिनरों को और खतरनाक बना देती है, जिससे विपक्षी टीम रन बनाने के लिए जूझती नजर आती है।
बल्लेबाज़ी में भी भारतीय टीम बेहद संतुलित दिखाई देती है। टॉप ऑर्डर से लेकर लोअर ऑर्डर तक ऐसे बल्लेबाज़ मौजूद हैं, जो किसी भी परिस्थिति में रन निकालने की क्षमता रखते हैं। जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट्स लगाने के साथ-साथ विकेट संभालकर खेलने की काबिलियत भी इस टीम की खास पहचान है।
टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन संतुलन भारत को और मजबूत बनाता है। युवा खिलाड़ी जहां ऊर्जा और आक्रामकता लाते हैं, वहीं अनुभवी खिलाड़ी दबाव के क्षणों में मैच को संभालने का अनुभव रखते हैं।
इसके साथ ही घरेलू मैदान पर खेलने का सबसे बड़ा फायदा होम क्राउड का जबरदस्त सपोर्ट होता है। दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों में अतिरिक्त जोश भरता है और विपक्षी टीम पर मानसिक दबाव बनाता है, जो कई बार मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ देता है।
भारत की कमजोरी: भारतीय टीम के लिए कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जो बड़े मुकाबलों में चिंता का विषय बन सकती हैं। पावरप्ले के दौरान शुरुआती विकेट जल्दी गिर जाना टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी के रूप में उभर रहा है। इससे मिडिल ऑर्डर पर जल्द दबाव बन जाता है और पूरी रणनीति बिगड़ने का खतरा रहता है।
इसके अलावा डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ी भी भारत के लिए कभी-कभी परेशानी का सबब बन जाती है। अंतिम ओवरों में रन रोकने में नाकामी के चलते विरोधी टीम बड़े स्कोर तक पहुंच जाती है या लक्ष्य हासिल करना आसान बना लेती है। वहीं बल्लेबाज़ी में बड़े हिटर्स पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता भी एक जोखिम है, खासकर तब जब पिच बल्लेबाज़ी के लिए पूरी तरह अनुकूल यानी फ्लैट हो। ऐसी स्थिति में अगर बड़े शॉट नहीं निकलते, तो रन गति अचानक धीमी पड़ जाती है।
न्यूजीलैंड की मजबूती: न्यूजीलैंड टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी बेहतरीन फील्डिंग मानी जाती है, जो किसी भी मुकाबले का रुख पलटने की क्षमता रखती है। मैदान पर कीवी खिलाड़ी चुस्त-दुरुस्त नजर आते हैं और मुश्किल कैच पकड़ने के साथ-साथ रन बचाने में भी माहिर हैं। इसके अलावा नई गेंद से स्विंग हासिल करना न्यूजीलैंड की गेंदबाज़ी की बड़ी ताकत है, जिससे पावरप्ले के दौरान विपक्षी टीम पर दबाव बनता है और शुरुआती विकेट निकालने में उन्हें मदद मिलती है।
वहीं बल्लेबाज़ी की बात करें तो न्यूजीलैंड के पावर-हिटिंग बल्लेबाज़ कम गेंदों में तेज़ रन बनाकर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं। ये खिलाड़ी बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते और एक ही ओवर में मैच का रुख बदल सकते हैं। अपने अनुशासित खेल और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड की टीम कई बार मजबूत विरोधी टीमों को भी चौंकाने में सफल रही है।
न्यूजीलैंड की कमजोरी: न्यूजीलैंड टीम की सबसे बड़ी कमजोरी स्पिन गेंदबाज़ी के खिलाफ उसका संघर्ष रहा है, खासकर भारतीय पिचों पर। यहां के धीमे और टर्न लेने वाले विकेटों पर कीवी बल्लेबाज़ अक्सर तालमेल बिठाने में नाकाम नजर आते हैं। जैसे ही मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ता है, टीम उसे संभाल नहीं पाती और नियमित अंतराल पर विकेट गंवा देती है। इसके अलावा, स्लो पिचों पर रन गति बनाए रखना न्यूजीलैंड के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है, जिससे स्कोरबोर्ड का दबाव और बढ़ जाता है। यही वजह है कि भारत जैसी मजबूत स्पिन आक्रमण वाली टीम के खिलाफ न्यूजीलैंड को अक्सर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।












